दिनदहाड़े फायरिंग से दहला बाजार, दुकान संचालक पर ताबड़तोड़ चलाई गोलियां
गुना शहर के व्यस्त नानाखेड़ी मंडी क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुरानी रंजिश के चलते वाहन खरीद-फरोख्त का काम करने वाले दुकानदार पर पिस्तौल से फायरिंग कर दी। हालांकि घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल जरूर पैदा कर दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, राधा कॉलोनी निवासी संजीव जैन की नानाखेड़ी मंडी गेट के पास पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री की दुकान है। रोजमर्रा की तरह गुरुवार को भी वे अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान शाम करीब 4 बजे एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाइक से वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने आते ही संजीव को ललकारते हुए धमकी भरे अंदाज में आवाज लगाई और विवाद शुरू कर दिया। तीसरा फायर इस वजह से नहीं हो पाया
देखते ही देखते युवक ने पिस्तौल निकाली और करीब 20 फीट की दूरी से संजीव जैन को निशाना बनाते हुए लगातार दो फायर कर दिए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि संजीव ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचा लिया, जिससे दोनों गोलियां उन्हें नुकसान पहुंचाए बिना दुकान की दीवार में जा धंसीं। दीवार पर गोली के निशान साफ देखे गए, जिससे फायरिंग की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि हमलावर तीसरा फायर करने की तैयारी में था, लेकिन इसी दौरान उसकी पिस्तौल में तकनीकी गड़बड़ी आ गई और गोली चैंबर में ही फंस गई।
इस अप्रत्याशित स्थिति से आरोपी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन संजीव जैन ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शोर मचाते हुए आसपास मौजूद लोगों को बुलाया और स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को दुकान के अंदर धकेलकर शटर बंद कर दिया गया, ताकि वह फरार न हो सके।घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे और छर्रे बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपी की पहचान छोटू बैरागी के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस घटना की जड़ में दो-तीन दिन पुराना एक मामूली विवाद है। दरअसल, संजीव जैन के एक कर्मचारी का आरोपी छोटू बैरागी के साथ सड़क दुर्घटना को लेकर विवाद हो गया था। मामला कोतवाली थाने तक भी पहुंचा और मेडिकल परीक्षण के बाद सामाजिक स्तर पर समझौता भी हो गया था। बावजूद इसके आरोपी के मन में रंजिश बनी रही, जिसका नतीजा इस गंभीर वारदात के रूप में सामने आया।