5 हजार का 1 पपीता बेचता था राम रहीम, सोने के à¤à¤¾à¤µ बिकती थीं सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
राम रहीम अपने à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को मन मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• दामों पर सबà¥à¤œà¥€ बेचता था। वह à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को à¤à¤—वान के नाम पर फंसा लेता था। à¤à¤• हरी मिरà¥à¤š à¤à¤• हजार रà¥à¤ªà¤ की, à¤à¤• छोटा बैंगन à¤à¤• हजार रà¥à¤ªà¤ का। बैंगन का साइज बड़ा हो तो उसकी कीमत दो हजार हो जाती थी। मटर के पांच दानों का पैक à¤à¤• हजार रà¥à¤ªà¤ तक मिलता है। अगर आपने आधा किलो मटर लिया होता तो लाखों में उसकी कीमत होती। इतना ही नहीं राम रहीम अपने अंधà¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को 5000 रà¥à¤ªà¤ में à¤à¤• पपीता बेचता था। इसके अलावा दो टमाटर के लिठवह दो हजार लेता था। à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में अंधà¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥€ थी कि बाबा के बाग की सबà¥à¤œà¥€ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ हर कोई चखना चाहता था। परिवार के à¤à¤• सदसà¥à¤¯ को à¤à¥€ हजारों की कीमत का मटर का à¤à¤• दाना मिलता तो वो खà¥à¤¦ को धनà¥à¤¯ समà¤à¤¤à¤¾à¥¤ राम रहीम की सबà¥à¤œà¥€ किसी à¤à¥€ कीमत पर खरदीने के पीछे का कारण था कि à¤à¤•à¥à¤¤ कहते थे हमारे पिता ने अपने हाथ से इस सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उगाया है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से हमें कोई बीमारी नहीं होगी।