à¤à¤¸à¥€ थी पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा और सोनिया गांधी के बीच की केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€
जून 2012 में ततà¥à¤•ालीन यूपीठसरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पद के लिठचà¥à¤¨à¥‡ जाने के बाद पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने कहा कि 'मेरी पारà¥à¤Ÿà¥€ और यूपीà¤-2 की ओर से राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पद के लिठमà¥à¤à¥‡ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° चà¥à¤¨à¤¾ गया है. मैं कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सोनिया गांधी का अà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता हूठऔर इस निरà¥à¤£à¤¯ को विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ पूà¥à¤°à¥à¤µà¤• सà¥à¤µà¥€à¤•ार करता हूà¤2012 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने à¤à¤¾à¤µà¥€ राजनीतिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के पैरों पर कà¥à¤²à¥à¤¹à¤¾à¤¡à¤¼à¥€ मारने वाला à¤à¤• और काम किया. वो काम था पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ राजनीति के पथ से हटाकर राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बनाकर रायसीना हिल का रासà¥à¤¤à¤¾ दिखा देना. अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ सिपाही की तरह पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा ने इसे à¤à¥€ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ की तरह लिया. पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बन गठलेकिन पिछले 5 साल में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ किस गरà¥à¤¤ में पहà¥à¤‚च गई, ये किसी से छà¥à¤ªà¤¾ नहीं है.सोनिया गांधी के नेतृतà¥à¤µ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने कथित शाइनिंग à¤à¤¨à¤¡à¥€à¤ को धूल चटा दी थी. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के à¤à¤• सà¥à¤° में आगà¥à¤°à¤¹ करने के बाद à¤à¥€ सोनिया गांधी पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बनने को तैयार नहीं हà¥à¤ˆà¤‚. यूपीठका नेतृतà¥à¤µ करने के लिठकांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने डॉ मनमोहन सिंह को चà¥à¤¨à¤¾. जबकि पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ राजनीतिक अनà¥à¤à¤µ और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¿à¤• योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ रखते थे. यूपीठके 10 साल के कारà¥à¤¯à¤•ाल में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बेशक डॉ सिंह थे लेकिन कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लिठहर मà¥à¤¶à¥à¤•िल मौके पर पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने संकटमोचक की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ.2004 में मौका à¤à¤• बार फिर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को नया पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ देने का था. चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के नतीजों के बाद सोनिया गांधी नैचà¥à¤°à¤² चà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¸ थी तो पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ खà¥à¤¦ सबसे पà¥à¤°à¤¬à¤² दावेदार थे. लेकिन राजनीति को पà¥à¤°à¤£à¤¬ इस बार à¤à¥€ मंजूर नहीं थे. सोनिया गांधी ने पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पद पर बैठने से इंकार कर दिया लेकिन नंबर पà¥à¤°à¤£à¤¬ का à¤à¥€ नहीं आया. मौका मिला मनमोहन सिंह को जो खà¥à¤¦ राजनीति का हà¥à¤¨à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा से सीख रहे थे. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की अंदरूनी राजनीति में सोनिया गांधी à¤à¥€ इस हद तक मजबूर हà¥à¤ˆ कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पारà¥à¤Ÿà¥€ की कमान छोड़नी पड़ी थी. मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ उनके विदेशी मूल का था और यह कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राजनीति का कोई जमीनी अनà¥à¤à¤µ नहीं था. इस आरोपों को धता करने के लिठपà¥à¤°à¤£à¤¬ दा ने मोरà¥à¤šà¤¾ संà¤à¤¾à¤²à¤¾ और उसके बाद सोनिया को जमीनी राजनीति से रूबरू कराने के साथ-साथ उनके à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ होने पर उठे सवालों को बेमानी किया. इसके लिठअपनी राजनीतिक सूà¤à¤¬à¥‚ठका परिचय देते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा ने à¤à¤• बार फिर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की कमान सोनिया के हाथ में तय की.उनकी इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की कायल सोनिया ने à¤à¥€ इसके बाद अपने सà¤à¥€ राजनीतिक फैसलों को लेने में पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा को बगल में रखा. पारà¥à¤Ÿà¥€ के करीबियों का मानना है कि सोनिया की कमान वाली कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में पारà¥à¤Ÿà¥€ में वही होता था जो पà¥à¤°à¤£à¤¬ दा सोनिया से कहते थे.कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में कà¤à¥€ इंदिरा गांधी के बेहद करीबी रहे पà¥à¤°à¤£à¤¬ को à¤à¤• बार फिर सोनिया गांधी के नेतृतà¥à¤µ वाली कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में अहम किरदार मिला. नरसिंहा राव और सीताराम केसरी के दौर में जहां यह माना जाने लगा था कि पारà¥à¤Ÿà¥€ से हमेशा हमेशा के लिठगांधी परिवार को दरकिनार कर दिया गया है वहीं पà¥à¤°à¤£à¤¬ ने अहम à¤à¥‚मिका अदा करते हà¥à¤ à¤à¤• बार फिर सोनिया को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के शीरà¥à¤· पर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया.पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ 1969 में पहली बार राजà¥à¤¯ सà¤à¤¾ में चà¥à¤¨à¤•र आà¤. फरवरी 1973 में पहली बार केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ बनने के बाद मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने पिछले चालीस साल में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की या उसके नेतृतà¥à¤µ वाली सà¤à¥€ सरकारों में मंतà¥à¤°à¥€ पद संà¤à¤¾à¤²à¤¾ है. वरà¥à¤· 1996 से लेकर 2004 तक केंदà¥à¤° में गैर-कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ सरकार रही लेकिन 2004 में यूपीठके सतà¥à¤¤à¤¾ में आने के बाद से ही पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ केंदà¥à¤° सरकार और कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ के लिठअहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ रहे.1984 में इंदिरा गांधी की हतà¥à¤¯à¤¾ के बाद बनी राजीव गांधी के नेतृतà¥à¤µ वाली कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार में पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ को शामिल नहीं किया गया. नतीजा यह कि पà¥à¤°à¤£à¤¬ ने कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का दामन छोड़ दिया और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ समाजवादी कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के नाम से नई पारà¥à¤Ÿà¥€ बना ली. लेकिन 1991 में बनी पीवी नरसिंहा राव की कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार से à¤à¤• बार फिर पारà¥à¤Ÿà¥€ में उनकी वापसी हà¥à¤ˆ. नरसिंहा राव ने पà¥à¤°à¤£à¤¬ को योजना आयोग का उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· बनाया और यहीं से शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ सोनिया गांधी के साथ उनकी नई केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€.