à¤à¤• माह पहले सड़क पर फेंके टमाटर, अब हà¥à¤† 80 रà¥à¤ªà¤ किलो
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दाम बà¥à¤¨à¥‡ से आम जनता की जेब पर बोठबॠगया है। 20 दिन में हर सबà¥à¤œà¥€ लगà¤à¤— दोगà¥à¤¨à¥€ महंगी हà¥à¤ˆ है। कà¥à¤› दिन पहले जो टमाटर à¤à¤• रà¥à¤ªà¤ किलो में à¤à¥€ कोई लेने को तैयार नहीं था, अब इसकी कीमत 80 रà¥à¤ªà¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•िलो हो गई है।
पिछले वरà¥à¤· किसानों को सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के उचित दाम नहीं मिले, इसलिठइस बार उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबà¥à¤œà¥€ का रकबा कम कर दिया। इसके बजाय कई किसानों ने तरबूज लगा लिà¤à¥¤ अब पैदावार घटने से सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बाजार में महंगी बिक रही हैं, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ गया है। कई लोगों ने सबà¥à¤œà¥€ में टमाटर खाना ही बंद कर दिया है। किसानों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ दो महीने तक रहेगी ।
इसलिठबà¥à¥‡ दाम
किसान सà¥à¤à¤¾à¤· पटेल ने बताया कि बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में किसानों ने टमाटर की फसल लगाई थी, लेकिन पैदावार अचà¥à¤›à¥€ होने के बाद टमाटर सड़क पर फेंकने की नौबत आ गई तो तो कइयों ने टमाटर के पौधे उखाड़कर फेंक दिठऔर नई फसल की तैयारी में लग गà¤à¥¤ इस कारण à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी कि टमाटर के à¤à¤¾à¤µ 80 रà¥à¤ªà¤ किलो तक पहà¥à¤‚च गà¤à¥¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में टमाटर की नई फसल बहà¥à¤¤ कम रकबे में लगी है, इस कारण अगसà¥à¤¤ तक महंगाई बरकरार रहेगी।
जून-जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में कम हो जाती है आवक
à¤à¤®à¤†à¤°- 9 रिंग रोड पर सबà¥à¤œà¥€ की दà¥à¤•ान लगाने वाले फà¥à¤Ÿà¤•र विकà¥à¤°à¥‡à¤¤à¤¾ अमर सिंह राठौर का कहना है कि जनवरी-फरवरी में सबà¥à¤œà¥€ की खेती शà¥à¤°à¥‚ होती है। जून-जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ तक ये सूखने लगती है। अगसà¥à¤¤ तक नई सबà¥à¤œà¥€ लगाने की तैयारी किसान शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। इस कारण वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आवक बहà¥à¤¤ कम है। सितंबर तक फिर से सबà¥à¤œà¥€ की आवक शà¥à¤°à¥‚ होगी, तब तक सबà¥à¤œà¥€ महंगी बिकेगी।
आलू-पà¥à¤¯à¤¾à¤œ ससà¥à¤¤à¥€, अनà¥à¤¯ 40 के ऊपर
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ व अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ से आलू की अचà¥à¤›à¥€ आवक होने के कारण यह थोक à¤à¤¾à¤µ में 6 रà¥à¤ªà¤ किलो व फà¥à¤Ÿà¤•र में 10 रà¥à¤ªà¤ किलो बिक रहा है, वहीं पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का समरà¥à¤¥à¤¨ मूलà¥à¤¯ 8 रà¥à¤ªà¤ किलो चल रहा है। इनके अलावा सà¤à¥€ हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ 40 रà¥à¤ªà¤ किलो से अधिक दाम पर ही बिक रहीं।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दाम बà¥à¤¨à¥‡ से आम जनता की जेब पर बोठबॠगया है। 20 दिन में हर सबà¥à¤œà¥€ लगà¤à¤— दोगà¥à¤¨à¥€ महंगी हà¥à¤ˆ है। कà¥à¤› दिन पहले जो टमाटर à¤à¤• रà¥à¤ªà¤ किलो में à¤à¥€ कोई लेने को तैयार नहीं था, अब इसकी कीमत 80 रà¥à¤ªà¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•िलो हो गई है। पिछले वरà¥à¤· किसानों को सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के उचित दाम नहीं मिले, इसलिठइस बार उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबà¥à¤œà¥€ का रकबा कम कर दिया। इसके बजाय कई किसानों ने तरबूज लगा लिà¤à¥¤ अब पैदावार घटने से सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बाजार में महंगी बिक रही हैं, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ गया है। कई लोगों ने सबà¥à¤œà¥€ में टमाटर खाना ही बंद कर दिया है। किसानों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ दो महीने तक रहेगी । इसलिठबà¥à¥‡ दाम किसान सà¥à¤à¤¾à¤· पटेल ने बताया कि बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में किसानों ने टमाटर की फसल लगाई थी, लेकिन पैदावार अचà¥à¤›à¥€ होने के बाद टमाटर सड़क पर फेंकने की नौबत आ गई तो तो कइयों ने टमाटर के पौधे उखाड़कर फेंक दिठऔर नई फसल की तैयारी में लग गà¤à¥¤ इस कारण à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी कि टमाटर के à¤à¤¾à¤µ 80 रà¥à¤ªà¤ किलो तक पहà¥à¤‚च गà¤à¥¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में टमाटर की नई फसल बहà¥à¤¤ कम रकबे में लगी है, इस कारण अगसà¥à¤¤ तक महंगाई बरकरार रहेगी। जून-जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में कम हो जाती है आवक à¤à¤®à¤†à¤°- 9 रिंग रोड पर सबà¥à¤œà¥€ की दà¥à¤•ान लगाने वाले फà¥à¤Ÿà¤•र विकà¥à¤°à¥‡à¤¤à¤¾ अमर सिंह राठौर का कहना है कि जनवरी-फरवरी में सबà¥à¤œà¥€ की खेती शà¥à¤°à¥‚ होती है। जून-जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ तक ये सूखने लगती है। अगसà¥à¤¤ तक नई सबà¥à¤œà¥€ लगाने की तैयारी किसान शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। इस कारण वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आवक बहà¥à¤¤ कम है। सितंबर तक फिर से सबà¥à¤œà¥€ की आवक शà¥à¤°à¥‚ होगी, तब तक सबà¥à¤œà¥€ महंगी बिकेगी। आलू-पà¥à¤¯à¤¾à¤œ ससà¥à¤¤à¥€, अनà¥à¤¯ 40 के ऊपर उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ व अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ से आलू की अचà¥à¤›à¥€ आवक होने के कारण यह थोक à¤à¤¾à¤µ में 6 रà¥à¤ªà¤ किलो व फà¥à¤Ÿà¤•र में 10 रà¥à¤ªà¤ किलो बिक रहा है, वहीं पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का समरà¥à¤¥à¤¨ मूलà¥à¤¯ 8 रà¥à¤ªà¤ किलो चल रहा है। इनके अलावा सà¤à¥€ हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ 40 रà¥à¤ªà¤ किलो से अधिक दाम पर ही बिक रहीं।