EU की पाक को दो टूक, बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में नहीं रोका अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° तो लगेगा बैन!
नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को à¤à¤• और à¤à¤Ÿà¤•ा लगा है। यूरोपीय यूनियन ने दो टूक शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में साफ कह दिया है कि अगर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को यूरोपीय देशों के साथ समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ करने हैं तो उसे बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को लेकर अपनी नीति बदलनी होगी। यूरोपियन ने कहा कि बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में जो कà¥à¤› हो रहा है उसे पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ का आंतरिक मामला नहीं माना जा सकता है।
यूरोपियन यूनियन का यह बयान तब आया जब बलोच नेता बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बà¥à¤—ती और तारेक फतेह ने यूरोपियन पारà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤®à¥‡à¤‚ट के वाइस पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट रेजारà¥à¤¡ जारनेकी से सà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤œà¤°à¤²à¥ˆà¤‚ड में मà¥à¤²à¤¾à¤•ात की। जारनेकी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• यह पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ का आंतरिक मामला नहीं है। हमारे पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के साथ हर तरह के समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ है। अगर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने अपनी नीति बदली बलोचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के लिठतो हम अपना नजरिया बदलेंगे। कà¥à¤› करने का यही सही समय है।
गौरतलब है कि बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ लंबे समय से पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से अपनी आजादी की मांग कर रहा है। इसके लिठबलोच नेता और वहां की जनता समय-समय पर अपनी आवाजें बà¥à¤²à¤‚द करती हैं। इन आवाजों को दबाने के लिठपाक फौज वहां जबरन बल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करती है। लोगों पर जà¥à¤²à¥à¤® ढहाती है। वहीं बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में चीन ने कई परियोजनाओं में निवेश किया हà¥à¤† है। इन परियोजनाओं में से à¤à¤• चीन-पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• गलियारा (सीपीईसी) है।
वहीं संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° महासà¤à¤¾ में मात खाने के बाद पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ बौखलाया हà¥à¤† है। बलोच नेता बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बà¥à¤—ती को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शरण देने के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ à¤à¤¡à¤¼à¤• गया है। बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बà¥à¤—ती ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ से संरकà¥à¤·à¤£ मांगा है जबकि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मोसà¥à¤Ÿ वॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ की लिसà¥à¤Ÿ में रख रखा है। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤—ती को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शरण देने के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने सखà¥à¤¤ à¤à¤¤à¤°à¤¾à¤œ जताया है। बता दें कि बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बà¥à¤—ती ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शरण के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर जेनेवा में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजनयिकों से बातचीत की। बीआरपी पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को आजाद करने की मांग कर रहा है।
कौन हैं बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बà¥à¤—ती
बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— बलूच नेता और बà¥à¤—ती जनजाति के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– नवाब अकबर बà¥à¤—ती के पोते हैं। साल 2006 में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सेना ने अकबर बà¥à¤—ती की हतà¥à¤¯à¤¾ कर दी थी, जिसके बाद बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¦à¤¾à¤— ने जान बचाने के लिठबलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ छोड़ दिया था। पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में शरण दिया गया, जहां से वह साल 2010 में सà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¥à¤œà¤°à¤²à¥ˆà¤‚ड चले गà¤à¥¤ वह बलूच राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ नेता और बलूच रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न पारà¥à¤Ÿà¥€ (बीआरपी) के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं। वह बलूचिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं।