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युद्धाभ्यास रद्द होने की खबर को रूस ने बताया गलत, रूसी सैनिक पहुंचे पाक

इस्लामाबाद। उरी हमले के बाद तमाम कयासों के बाद अब साफ हो गया है कि पाकिस्तान और रूस पहली बार संयुक्त  युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं। इसके लिए रूस की एक टुकड़ी पाकिस्तान पहुंच भी चुकी है। संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास को ‘फ्रेंडशिप-2016’ का नाम दिया गया है।

 à¤°à¥‚स की थलसेना की एक टुकड़ी आज पाकिस्तान पहुंची जो कल से शुरू हो रहे पहले संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘फ्रेंडशिप-2016’ में भाग लेगी। यह अभ्यास शीतयुद्ध काल के दो पूर्व विरोधियों के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों को प्रदर्शित करता है। रूस और पाकिस्तान के बीच यह पहला युद्धाभ्यास है।

बता दें कि इससे पहले मीडिया में रिपोर्ट्स आई थी कि उरी हमले के मद्देनजर रूस ने पाकिस्तान के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास रद्द कर दिया है। लेकिन अब पक्का हो गया है कि दोनों देश मिलकर पहली बार युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं।

रूस ने किया खंडन

वहीं रूस ने शुक्रवार रात उन खबरों को खारिज करा दिया कि उसकी सेना पाकिस्तानी बलों के साथ गिलगित-बाल्तिस्तान में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगी और कहा कि आतंकवाद रोधी अभ्यास खबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में होंगे। गिलगित-बाल्तिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का हिस्सा है।

रूसी दूतावास ने नई दिल्ली में एक बयान में कहा कि प्रेस के एक वर्ग में आई खबरों के उलट रूस-पाकिस्तान आतंकवाद रोधी अभ्यास तथाकथित ‘आजाद कश्मीर’ या गिलगित और बाल्तिस्तान जैसे किसी भी दूसरे संवेदनशील या समस्याग्रस्त इलाके में नहीं हो रहे और कभी भी नहीं होंगे। दूतावास ने पख्तूनख्वा की एक जगह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अभ्यास केवल चेरात में होंगे। चेरात पेशावर से दक्षिणपूर्व में 34 मील की दूरी पर स्थित। रूसी दूतावास ने कहा कि रत्तू के हाई एल्टिट्यूड मिलिटरी स्कूल में अभ्यास होने की सभी खबरें गलत और शरारतपूर्ण है।

असीम बाजवा ने दी जानकारी

सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने ट्वीट किया, ‘रूसी थल सेना की एक टुकड़ी 24 सितंबर से 10 अक्तूबर तक चलने वाले पहले पाक-रूस संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए पहुंची है।’ उन्होंने साथ ही रूसी सैन्य टुकड़ी के स्वागत की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं।

रूस के दक्षिणी सैन्य कमान की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दक्षिणी सैन्य कमान के 70 से ज्यादा जवान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें उत्तरी काकेसस में काराचाय-चेरकेसिया रिपब्लिक में तैनात ‘माउंटेन मोबाइल ब्रिगेड’ के कर्मी और मुख्यालय के अधिकारी भी शामिल हैं।

बयान के हवाले से, रूसी संवाद समिति इतर-तास ने कहा कि दक्षिणी सैन्य कमान के इंफेंटरी जवान सभी उपकरणों से लैस हैं। उनके पास पर्वतारोहण के सभी उपकरण तथा स्टैंडर्ड बंदूकों के लिए गोला-बारूद भी मौजूद हैं। बयान के अनुसार, दोनों देशों की सेना अपने अनुभव साझा करेगी और पहाड़ी क्षेत्रों में युद्ध, विशेष रूप से अवैध हथियारबंद समूहों को नष्ट करने संबंधी अभ्यास करेगी।

रूस की दक्षिणी सैन्य कमान की ओर से जारी एक बयान के अनुसार संयुक्त सैन्य अभ्यास का लक्ष्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाना है। इस अभ्यास की शुरूआत कल एक औपचारिक समारोह के साथ होगी जिसका आयोजन पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र के रात्तु में स्थित पाकिस्तानी सेना के हाई एल्टिट्यूट स्कूल में किया जाएगा। दोनों देशों के करीब 200 सैनिक दो हफ्तों के ‘फ्रेंडशिप 2016’ नाम के सैन्य युद्धाभ्यास में भाग लेंगे।

यह युद्धाभ्यास ऐसे समय होगा जब मास्को और इस्लामाबाद के बीच रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं और इस्लामाबाद अत्याधुनिक रूसी युद्धक विमान खरीदने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान ने मई 2011 में ऐबटाबाद में सीआईए के गुप्त छापे में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका से रिश्तों में खटास आने के बाद अपनी विदेश नीति के विकल्पों को बढ़ाने का फैसला किया था।

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