प्रदेश के 18 जिलों में हुई बारिश-नाले उफान पर
मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। शुक्रवार को भी तेज बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन में सवा 2 इंच और इंदौर में डेढ़ इंच पानी गिरा। जबकि शिवपुरी में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, बड़वानी, श्योपुर, दतिया, विदिशा, मुरैना समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा।लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए है। तीन बांधों के गेट खोले गए हैं। आगर मालवा में कुंडालिया बांध के 8 गेट खोले गए। वहीं रायसेन में हलाली डैम के 3 गेट खोले गए हैं। जबकि उमरिया में जोहिला डैम का एक गेट खोला गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को चार सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मानसून समेत दो टर्फ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम शामिल हैं। शुक्रवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है। इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 40 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 108 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 32.1 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। गुना सबसे बेहतर है। यहां 62.9 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 30.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 55.5 इंच बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 52.9 इंच, अशोकनगर में 52.6 इंच और श्योपुर में 55.3 इंच पानी गिर चुका है। जबकि सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। खरगोन में सबसे कम 24.7 इंच, खंडवा में 24.9 इंच, बड़वानी में 25.2 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच और शाजापुर में 25.6 इंच बारिश हुई है।