जज से बात करना चाहते थे MLA पाठक, उन्होंने खुद को केस से हटाया, चीफ जस्टिस के पास भेजी याचिका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में जबलपुर के आसपास हो रहे अवैध खनन के मामले में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर निर्मला पाठक और यश पाठक कोर्ट में अपना पक्ष रखना चाहते थे, यानी वे इंटरवीनर बनना चाहते थे। यह याचिका अवैध खनन की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई थी।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने इंटरवीनर आवेदन पर गौर किया। इसमें पाया गया कि आवेदक यश पाठक के पिता और कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक उनसे चर्चा करने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। इसके बाद एकलपीठ ने उक्त याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया और इसे मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए।दरअसल, यह याचिका मुड़वारा कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की ओर से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि जबलपुर के सिहोरा, गोसलपुर और कटनी में अवैध खनन हो रहा है। इस संबंध में आशुतोष दीक्षित ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल में शिकायत भी की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से वे कोर्ट पहुंचे और याचिका दायर की।याचिका की सुनवाई के दौरान ईओडब्ल्यू की ओर से एकलपीठ को बताया गया कि आशुतोष दीक्षित की तरफ से मेसर्स निर्मला मिनरल्स के खिलाफ की गई शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को भेज दिया गया है।