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जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश की महिलाओं को बताया शराबी: इस दावे में कितनी सच्चाई, क्या कहते हैं आंकड़े?
मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस वक्त सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर जाने के मुद्दे पर परोक्ष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा था। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को दो करीबियों के बीच का मुद्दा बताकर दबाने की कोशिश भी की, हालांकि अब पटवारी के ही एक बयान पर बवाल शुरू हो गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से मध्य प्रदेश की महिलाओं को लेकर ये बयान असल में किस संदर्भ में दिया गया था? इसे लेकर कैसे राज्य में सियासत शुरू हो गई? सरकारी आंकड़े पटवारी के बयान को कितना सही या गलत बताते हैं? मध्य प्रदेश में बीते वर्षों में पुरुषों और महिलाओं में शराब सेवन के आंकड़े क्या रहे हैं? आइये जानते हैं.
पहले जानें- जीतू पटवारी का पूरा बयान
जीतू पटवारी मंगलवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश में भाजपा की नीतियों पर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, "जिस जगह को एक समय समृद्धि की धरती कहा जाता था, वह अब नशे में डूब चुकी है। पटवारी राज्य की भाजपा सरकार पर नशा, बेरोजगारी और कुपोषण पर हमला कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को तमगा मिला है कि प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली भाजपा ने यह हालत कर दिए है, जितना ड्रग का कारोबार यहां होता है उतना दूसरे किसी राज्य में नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह प्रयास नहीं किए कि इससे निजात कैसे दिलाएं।"
पटवारी ने कहा, "हमारी बहनें, बेटियां नशा करने लगी हैं, लाडली बहना के नाम पर वोट तो ले लिए और मध्य प्रदेश में बहना ही सबसे ज्यादा नशा करती हैं। इस पर विचार करना चाहिए। अगर आपका बेटा बेरोजगार है और घर में नशे में आता है तो मैं 100 फीसदी कह सकता हूं कि इसके लिए भाजपा, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव जिम्मेदार हैं।"
भाजपा ने कैसे किया पलटवार?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की लाडली बहनों को शराबी बताकर उनका घोर अपमान किया है। जनता इस अपमान का हिसाब लेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को ‘शराबी’ कहकर अपमानित किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पटवारी का बयान न केवल मध्य प्रदेश की महिलाओं का अपमान है, बल्कि कांग्रेस की महिला विरोधी कुत्सित मानसिकता का एक अशोभनीय उदाहरण है।
जीतू पटवारी मंगलवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश में भाजपा की नीतियों पर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, "जिस जगह को एक समय समृद्धि की धरती कहा जाता था, वह अब नशे में डूब चुकी है। पटवारी राज्य की भाजपा सरकार पर नशा, बेरोजगारी और कुपोषण पर हमला कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को तमगा मिला है कि प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली भाजपा ने यह हालत कर दिए है, जितना ड्रग का कारोबार यहां होता है उतना दूसरे किसी राज्य में नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह प्रयास नहीं किए कि इससे निजात कैसे दिलाएं।"
पटवारी ने कहा, "हमारी बहनें, बेटियां नशा करने लगी हैं, लाडली बहना के नाम पर वोट तो ले लिए और मध्य प्रदेश में बहना ही सबसे ज्यादा नशा करती हैं। इस पर विचार करना चाहिए। अगर आपका बेटा बेरोजगार है और घर में नशे में आता है तो मैं 100 फीसदी कह सकता हूं कि इसके लिए भाजपा, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव जिम्मेदार हैं।"
भाजपा ने कैसे किया पलटवार?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की लाडली बहनों को शराबी बताकर उनका घोर अपमान किया है। जनता इस अपमान का हिसाब लेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को ‘शराबी’ कहकर अपमानित किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पटवारी का बयान न केवल मध्य प्रदेश की महिलाओं का अपमान है, बल्कि कांग्रेस की महिला विरोधी कुत्सित मानसिकता का एक अशोभनीय उदाहरण है।