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प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओवर में देश का सबसे बड़ा केबल स्टे ब्रिज, कल से जनता के लिए खुलेगा

प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर और देश के सबसे बड़े केबल स्टे ब्रिज को शुक्रवार को जनता के लिए खोला जाएगा। फ्लाईओवर की घोषणा से लेकर उसके लोकार्पण तक छह साल का लंबा समय लगा। निर्माण के दौरान कानूनी अड़चनें, भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक श्रेय की होड़ जैसी कई समस्याएं सामने आईं। दमोह नाका–मदन महल फ्लाईओवर की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर है। इस पर मदन महल स्टेशन के ऊपर देश का सबसे बड़ा केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है। फ्लाईओवर शुरू होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी और 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 10 मिनट में तय किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री गडकरी करेंगे उद्घाटन

इस फ्लाईओवर का उद्घाटन आगामी 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। फ्लाईओवर का भूमि पूजन भी नितिन गडकरी ने 22 फरवरी 2019 को किया था। उन्होंने ही वर्ष 2016 में इस फ्लाईओवर की मंजूरी प्रदान की थी। इसकी प्रारंभिक लागत ₹758 करोड़ थी, जो निर्माण कार्य पूरा होते-होते बढ़कर ₹1,053 करोड़ तक पहुंच गई।

तीन साल में होना था तैयार
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें दोगुना समय यानी छह साल लग गए। इस दौरान फ्लाईओवर की लंबाई भी एक किलोमीटर बढ़ा दी गई।

हाईकोर्ट में पहुंचा मामला

फ्लाईओवर के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में आधा सैकड़ा से अधिक याचिकाएं दायर की गईं थीं। इनमें कहा गया था कि बिना मुआवज़ा दिए मनमाने ढंग से ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके अलावा मास्टर प्लान से अधिक चौड़ाई किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी।

राजनीतिक श्रेय को लेकर आरोप
फ्लाईओवर के एक हिस्से महानद्दा से मदन महल तक का शुभारंभ सितंबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया था। विधानसभा चुनाव के दो माह पूर्व अधूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन करने पर कांग्रेस ने भाजपा पर "विकास कार्यों में श्रेय की राजनीति" करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, जून में कांग्रेस नेता पूर्ण निर्माण के बावजूद उद्घाटन न किए जाने पर खुद फ्लाईओवर का उद्घाटन करने पहुंच गए थे। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन व बल प्रयोग करना पड़ा था।

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