ROB पुल का वर्चुअल शुभांरभ, सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता को किया समर्पित
ग्वालियर में 42 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ विवेकानंद नीडम रेलवे ओवरब्रिज जनता के लिए खुल नहीं पा रहा था। क्योंकि नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ दिखाई दे रही थी। उसके बाद जनता का सब्र टूट गया और लगातार इसका उद्घाटन न करने का विरोध होने लगा।यह मामला सरकार की संज्ञान में आया और दो दिन में आरओबी पुल का आखिरकार उद्घाटन हो गया। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल तरीके से इस पुल का उद्घाटन किया। CM डॉक्टर मोहन यादव के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश सरकार के कई मंत्री वर्चुअल जुड़े। सीएम ने रिमोट का बटन दबाकर आरओबी का लोकार्पण किया।आपको बता दें कि चंद्रबदनी नाका से न्यू कलेक्ट्रेट मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग क्रमांक-418 पर विवेकानंद नीडम के समीप लगभग 42 करोड 80 लाख रुपये की लागत से यह आरओबी बनकर तैयार हुआ है। लगभग 937 मीटर लम्बाई और 76 मीटर स्पान में 42 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण संभाग और रेलवे द्वारा इस आरओबी का निर्माण किया गया है। रेलवे द्वारा आरओबी के 37 मीटर भाग का निर्माण किया गया है। आरओबी के रेलवे वाले हिस्से में आईं कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण आरओबी पूरा होने में देरी हुई थी। यह आरओबी बनने से एजी ऑफिस ब्रिज पर यातायात का दबाव कम होगा और लश्कर कम्पू से लेकर अन्य बस्तियों के निवासियों को कलेक्ट्रेट व न्यू सिटी सेंटर की बस्तियों एवं हाइवे तक जाने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। माना जा रहा है कि अब बड़ी संख्या में ट्रैफिक यहां से रोज निकलेगा।कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार, महापौर डॉक्टर शोभा सिकरवार के साथ-साथ कई गणमान्य नागरिक और बीजेपी कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए। सीएम ने रिमोट का बटन दबाकर आरओबी का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरओबी के साथ-साथ लगभग सात करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन ठाठीपुर व अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन सिरोल का भी वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। ये दोनों छात्रावास 50-50 सीटर हैं और प्रत्येक छात्रावास का निर्माण लगभग तीन करोड़ 93 लाख की लागत से किया गया है।