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एक साथ 15 नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार की पार्टी छोड़ी

राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ वक्फ कानून 2025 लागू हो गया है, लेकिन इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के जनता दल यूनाईटेड की ओर से समर्थन दिए जाने का असर लगातार सामने आ रहा है। वक्फ संसोधन विधेयक पर बिहार में सत्तारूढ़ जदयू के मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे का सिलसिला जारी है। बिहार के अलग-अलग जिलों से रोज यह खबर निकल कर सामने आ रही है। इसी क्रम में आज मोतिहारी में एक साथ जदयू के 15 मुस्लिम नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।यह पूरा मामला पूर्वी चंपारण के मुस्लिम बहुल इलाका ढाका विधानसभा का है। जहां जदयू के 15 मुस्लिम नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। इस दौरान इन नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इन नेताओं का कहना था कि हमलोग नीतीश कुमार को मुसलमानों का हितैषी समझते थे, लेकिन उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है। इस्तीफा देने वालों का नाम आगे पढ़ें-

मुस्लिम बहुल इलाके ढाका से आई खबर
यह पूरा मामला पूर्वी चंपारण के मुस्लिम बहुल इलाका ढाका विधानसभा का है। जहां जदयू के 15 मुस्लिम नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। इस दौरान इन नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इन नेताओं का कहना था कि हमलोग नीतीश कुमार को मुसलमानों का हितैषी समझते थे, लेकिन उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है। इस्तीफा देने वालों का नाम आगे पढ़ें-

 1. गौहर आलम-प्रखंड अध्यक्ष युवा जदयू ढाका 2. मो. मुर्तुजा - कोषाध्यक्ष - नगर परिषद ढाका 3. मो० शबीर आलम- प्रखण्ड उपाध्यक्ष युवा जदयू ढाका
4. मौसिम आलम- नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ढाका
5. जफीर खान नगर सचिव ढाका
6. मो. आलम, नगर महासचिव ढाका
7. मो. तुरफैन प्रखंड महासचिव युवा जदयू ढाका
8. मो. मोतिन नगर उपाध्यक्ष ढाका
9. सुफैद अनवर, करमावा पंचायत युवा अध्यक्ष
.10. मुस्तफा कमाल (अफरोज) युवा प्रखंड. उपाध्यक्ष
11. फिरोज सिद्धीको प्रखंड सचिव युवा जदयू ढाका
12. सलाउद्दीन अंसारी - नगर महासचिव ढाका
13. सलीम अंसारी नगर महासचिव ढाका
14. एकरामुल हक, नगर सचिव ढाका
15. सगीर अहमद - नगर सचिव ढाका

जदयू के ढाका प्रखंड अध्यक्ष नेहाल अख्तर ने बताया कि इन सभी नेताओं में एक युवा अध्यक्ष को छोड़कर कोई भी नेता पार्टी का नहीं है। केवल विपक्षियों के द्वारा जदयू को बदनाम करने के लिए इस तरह की साजिश रची जा रही है। अगर इन सभी नेताओं ने इस्तीफा दिया है तो अपनी प्राथमिक सदस्यता का प्रमाण दें।

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