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पृथ्वीराज चौहान गुर्जर थे, राजपूत नहीं, अधिकारियों पर इतिहास को विकृत करने का आरोप

गुर्जर समाज ने आईडीए पर पृथ्वीराज चौहान के इतिहास को विकृत करने का आरोप लगाया है। आईडीए द्वारा लगाई जा रही प्रतिमा पर सही नाम लिखने के लिए समाज के लोगों ने ज्ञापन दिया। समाज के लोगों का कहना है कि पृथ्वीराज चौहान गुर्जर थे, न कि राजपूत, इसलिए प्रतिमा स्थल पर वीर गुर्जर क्षत्रिय समाज के महापुरुष गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान लिखा जाए। समाज के लोगों ने एडवोकेट मुकेश भड़ाना गुर्जर, एडवोकेट मनवीर चौहान गुर्जर, इंदौर महानगर गुर्जर परिषद अध्यक्ष केप्टन प्रेमसिंह गुर्जर, सुबेदारसिंह गुर्जर, मानसिंह गुर्जर के नेतृत्व में कमिश्नर, कलेक्टर, आईडीए सीईओ और निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा। समाज के द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि आईडीए द्वारा निरंजनपुर चौराहा पर समाज के महापुरुष पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा लगाई जा रही है, उसमें समाज के इतिहास को विकृत करने की कोशिश की जा रही है। गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज के समकालीन कवियों चंद वरदाई और जयानक द्वारा रचित पृथ्वीराज रासो और पृथ्वीराज विजय महाकाव्यम के ऐतिहासिक तथ्यों, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि वीर गुर्जर क्षत्रिय समाज के महापुरुष के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ न की जाए। समाज के लोगों ने अधिकारियों को बताया गया कि उनके शिलालेख में उन्हें गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान ही लिखा जाए, ताकि ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी न हो और समाज के लोगों में रोष न फैले। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि समाज द्वारा गुर्जर आरक्षण आंदोलन के संघर्ष में वीर गुर्जर क्षत्रिय अपने अधिकारों के लिए किस तरह 72 गुर्जर शहीद होने के बाद भी डटे रहे और अपना हक लेकर ही हटे। ज्ञापन में ये भी कहा गया है कि यशराज फिल्म्स ने जो पृथ्वीराज फिल्म बनाई थी उसमें उन्हें राजपूत दिखाया गया था, जिस मामले में समाज ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और राजपूत शब्द पर आपत्ति ली थी बाद में फिल्म में राजपूत शब्द का उपयोग न करने का आदेश कोर्ट ने दिया था, लेकिन इंदौर में आईडीए निरंजनपुर चौराहा पर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जो प्रतिमा लगा रहा है, उसमें राजपूत शब्द का उपयोग किया जा रहा है जो न केवल कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है, बल्कि समाज की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है। ज्ञापन में मांग की गई कि शीघ्रातिशीघ्र प्रतिमा के शिलालेख में गुर्जर समाज का उल्लेख किया जाए अन्यथा समाज के लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।



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