कार्य संचालन नियम से चलती है विधानसभा, सुप्रीम कोर्ट से नहीं, मंत्री विजयवर्गीय ने कहा
भोपाल। प्रदेश में कथित परिवहन घोटाले पर गुरुवार को ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने संविधान के अपमान का आरोप लगाते हुए इस मामले को उठाया। उनके आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने औचित्य का प्रश्न उठाया तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं फिर सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन पढ़ाऊंगा, जिसमें कहा है कि जो जनप्रतिनिधि विधानसभा में बोलना चाहता है, पूरा बोलें, उसे रोका नहीं जाएगा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा, मध्य प्रदेश विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों से चलती है, सुप्रीम कोर्ट से नहीं।
पहले तो सदस्य को यह समझना पड़ेगा। संसदीय कार्य मंत्री के बार-बार औचित्य का सवाल उठाने पर उमंग सिंघार ने कहा कि सदन में सुप्रीम कोर्ट का अपमान कर रहे हैं।ये संसदीय कार्य मंत्री हैं। सिंघार के समर्थन में कांग्रेस के सभी सदस्य एक साथ खड़े होकर बोलने लगे।उप नेता हेमंत कटारे ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से पूछा कि संसदीय कार्य मंत्री जो कह रहे हैं, क्या आप इससे सहमत हैं।इसे विलोपित किया जाना चाहिए। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के सदस्यों के आरोप पर कहा कि संविधान पढ़ो, उसमें क्या लिखा है।