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रिटायर्ड महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 10.50 लाख

राजधानी के अवधपुरी में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला डॉक्टर को सायबर जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर 10.50 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों की बातों में फंसकर महिला डॉक्टर ने उन्हें बैंक जाकर एनईएफटी के माध्यम से रुपये ट्रांसफर किए थे। शुक्रवार को मामले का पता चलने के बाद पति ने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने घर पहुंचकर महिला डॉक्टर को ठगों के डिजिटल अरेस्ट के जाल से मुक्त कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक डॉ. रागिनी मिश्रा (65) रिटायर्ड डॉक्टर हैं। वह अपने पति डॉ. महेश मिश्रा के साथ अवधपुरी स्थित रीगल पैराडाइज अपार्टमेंट के सातवें फ्लोर पर रहती हैं। बुधवार को वह मार्निंग वॉक से लौट रही थीं, तभी उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह महाराष्ट्र पुलिस से बोल रहा है, आपका नंबर ब्लॉक किया जा रहा है। रागिनी ने कारण पूछा तो बताया गया कि मुंबई स्थित आपके केनरा बैंक एकाउंट में एक एयरवेज कंपनी की तरफ से 473 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है, जो मनी लॉड्रिंग की श्रेणी में आता है। महिला ने उन्हें बताया कि उनका एकाउंट केनरा में नहीं, बल्कि पीएनबी और यूनियन बैंक में है। एक खाते में पेंशन आती है, जबकि दूसरा एसडब्ल्यूडी एकाउंट है।

इसके बाद फोन करने वाले जालसाजों ने कहा कि सीबीआई और महाराष्ट्र पुलिस काफी दिनों से आपकी तलाश कर रही थी। आपके घर के आसपास सादी वर्दी में लोग मौजूद हैं। महिला ने जब अपने वकील से बात करने का बोला तो उन्होंने मना कर दिया और कहा कि आप जेल जाना चाहती हैं या फिर डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से घर पर ही रहकर बातचीत करना चाहती हैं। 
आरोपियों की बातचीत से डॉ. रागिनी काफी दहशत में आ गई थीं, इसलिए उन्होंने घर पर रहकर बातचीत करने की हां कर दी। जालसाजों का कहना था कि आपके कानपुर वाले घर पर भी दबिश दी गई थी, लेकिन आप नहीं मिलीं। गुरुवार को जालसाजों ने उन्हें 12 लाख रुपये एक एकाउंट में जमा करने को कहा तो रागिनी ने बैंक जाकर 10.50 लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। 
रात को रागिनी के फोन करने वालों पर कुछ शंका हुई तो शुक्रवार सुबह उन्होंने पति महेश को इसकी जानकारी दी। महेश ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों को बताया, जिसके बाद टीम उनके घर पहुंची। 
गोविंदपुरा एसीपी दीपक नायक शुक्रवार दोपहर डॉक्टर दंपती के घर पहुंचे। उस वक्त रागिनी जालसाजों से बातचीत कर रही थी। एसपीपी दीपक नायक ने अपना परिचय देते हुए बात की तो जालसाजों ने कहा कि आप हमारे काम में दखल नहीं दें, हम केंद्रीय एजेंसी हैं। एसीपी ने जब उन्हें फटकारा तो जालसाजों ने फोन काट दिया, लेकिन उसके पहले वह महिला डॉक्टर से साढ़े दस लाख रुपये हड़प चुके थे। 
एसीपी दीपक नायक ने बताया कि जालसाजों के दो मोबाइल नंबर और एक बैंक एकाउंट मिला है, जिसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। 
 



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