दिल्ली : आज भी AQI 500 पर, स्कूल बंद -कई फ्लाइट्स और ट्रेनें लेट
देश की राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। प्रदूषण के साथ कोहरे की मार ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। दिल्ली ही नहीं एनसीआर भी प्रदूषण की मार झेल रहा है। गैप-4 के नियम लागू हो चुके हैं। स्कूल बंद हो चुके हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील है। तमाम रोकथाम के बाद भी प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो रहा है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम है। जबकि दिल्ली एनसीआर से बाहर कोहरा ही कोहरा नजर आ रहा है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में धुंध के बीच ट्रेनों की आवाजाही जारी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। रेलवे ने कहा कि 22 ट्रेनें देरी से चल रही हैं और नौ ट्रेनों को रोक दिया गया है। 19 नवंबर को सुबह 5:30 बजे दिल्ली के सफदरजंग और पालम में दृश्यता 600 मीटर से 4 400 मीटर दर्ज की गई।वहीं एक्यूआई बढ़ने से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने 22 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वायु प्रदूषण के संबंध में एक अद्यतन सलाह जारी की। सलाह में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मौजूदा स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और कमजोर समूहों और जोखिम वाले व्यवसायों के बीच जागरूकता बढ़ाने की सिफारिशें शामिल हैं।
वायु प्रदूषण न केवल सेहत को प्रभावित कर रहा है बल्कि हवाई और रेल सेवा को भी बाधित करने लगा है। धुंध की परत से दृश्यता बिल्कुल घट गई है। इससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही विमानों को भी रनवे पर उतरने में बाधा उत्पन्न कर रहा है। सोमवार को सुबह और दोपहर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दृश्यता इतनी घट गई कि 15 विमानों को रनवे पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। इस वजह से विमान के यात्रियों को दिल्ली की जगह जयपुर, देहरादून और लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरना पड़ा। यही स्थिति रेलगाड़ियों के मुसाफिरों की भी रही। सुबह के वक्त दिल्ली के स्टेशनों पर आने वाली 50 से अधिक ट्रेन घंटों देरी से पहुंचीं।धुंध से रेलवे की रफ्तार थम गई है। सोमवार सुबह के वक्त 50 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से संचालित हुईं। इसके कारण यात्रियों को बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ा। नई दिल्ली, निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशन खासकर निजामुद्दीन स्टेशन पर जबरदस्त धुंध ने यात्री आवागमन को बुरी तरह प्रभावित किया। घने धुंध और प्रदूषण के कारण रेलवे ट्रैक पर दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते कई ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से चल पाईं। ट्रेनें लेट होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करते दिखे। नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, महाकौशल, आनंद विहार-गया, आनंद विहार-मुजफ्फरपुर, नई दिल्ली-मालदा टाऊन, निजामुदद्दीन-त्रिवेंद्रम समेत कई ट्रेनें 3-4 घंटे देरी से संचालित की गईं। मंगलवार को भी यात्रियों को इसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।सोमवार को वायु प्रदूषण के चलते एनसीआर में धुंध की मोटी चादर छाई रही। कुछ जगहों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों को डायवर्ट करना पड़ा। सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच 11 विमानों को उतरने की इजाजत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने नहीं दी। लिहाजा 10 विमानों को जयपुर के लिए और एक को देहरादून के लिए डाइवर्ट कर दिया गया। दोपहर बाद 3:30 बजे भी अचानक से रनवे पर धुंध आई और दृश्यता घट गई। इस दौरान भी 4 विमानों को डाइवर्ट करना पड़ा। कम दृश्यता की वजह से 70 से अधिक विमान देरी से संचालित हुए। इससे यात्रियों को बेहद परेशान होना पड़ा।