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कांग्रेस में बदलाव की तैयारी; हाईकमान नाराज, क्या प्रदेशाध्यक्ष और प्रभारी पर गिरेगी गाज

हरियाणा विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस हाईकमान प्रदेश में पार्टी नेतृत्व से सख्त नाराज है। अब हाईकमान हार के लिए जिम्मेदार नेताओं साइड लाइन करने मूड में है। अगले कुछ दिनों में हरियाणा कांग्रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इनमें सबसे पहले प्रदेशाध्यक्ष उदयभान पर गाज गिरना तय है। हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया की भी छुट्टी निश्चित बताई जा रही है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष पद पर भी किसी गैर जाट चेहरे को लाया जा सकता है।हरियाणा में हार के कारण जानने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी दो बैठकें कर चुके हैं। इसमें प्रारंभिक कारण नेताओं का निजी स्वार्थ और खेमेबाजी सामने आई हैं। इससे राहुल गांधी खासे नाराज हैं और चुनाव में हार के लिए नेताओं की जिम्मेदारी तय करने को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने पहले ही हार के लिए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के साथ प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, हुड्डा विरोधी खेमा भी जोर-शोर से इन्हीं तीनों नेताओं पर निशाना साध रहे है। कुमारी सैलजा और कैप्टन अजय यादव खुलकर बदलाव की मांग कर रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार उठ रहे विरोधी स्वरों को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान जल्द प्रदेशाध्यक्ष उदयभान की छुट्टी कर सकता है और प्रभारी को भी बदला जा रहा है। उदयभान भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खास हैं और वह दूसरे धड़ों को नहीं साध पाए। प्रदेश अध्यक्ष के लिए ऐसे चेहरे की तलाश है, जो सभी धड़ों को साध लेकर चले और गैर विवादित हो। इसमें सबसे पहला नाम अंबाला के सांसद वरुण चौधरी का है। कुमारी सैलजा और हुड्डा दोनों ही उनको पसंद करते हैं। दलित चेहरा होने के साथ वह युवा भी हैं और उच्च शिक्षित होने के नाते प्रदेश के मुद्दों की अच्छी समझ रखते हैं।

विधायक दल के नेता के लिए गैर जाट नामों पर विचार
बदलाव के दौर से गुजर रही कांग्रेस में विधायक दल का नया नेता चुने जाने की भी चर्चा है। पिछली बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा विधायक दल के नेता थे, लेकिन इस बार हुड्डा विरोधी खेमा खुलकर विरोध कर रहा है। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के जाट बनाम गैर जाट होने का खामियाजा भुगत रही कांग्रेस इस बार किसी गैर जाट को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाह रही है। इसके लिए थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा का नाम चल रहा है। अरोड़ा इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भी रहे हैं।

रिपोर्ट लेने के बाद हरियाणा के नेताओं के साथ बैठक करेगा हाईकमान
हार के अन्य कारणों को तलाशने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी हरियाणा का दौराकर कार्यकर्ताओं और नेताओं से फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के मिलने के बाद ही हाईकमान हरियाणा के नेताओं के साथ बैठक करेगी, ताकि असली तथ्यों पर बात की जाए और जिम्मेदार नेताओं की जवाबदेही भी तय की जा सके।

 

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