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आप का महिलाकार्ड :आतिशी बनेंगी नई CM, भाजपा से आई पहली प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम शामिल थे। इसमें मौजूदा कैबिनेट के सदस्य आतिशी, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत के अलावा पूर्वी दिल्ली लोकसभा के प्रत्याशी रहे कुलदीप कुमार, विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़लान समेत दूसरे नाम भी शामिल थे। लेकिन आतिशी के नाम पर मुहर लग गई है।

सिसोदिया के दवाब में केजरीवाल ने लगाई मुहर: वीरेंद्र सचदेवा
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनाए जाने की खबरों पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मजबूरी में बनाया है क्योंकि वे चाह कर भी अपनी मन मर्जी का मुख्यमंत्री नहीं बनवा सकें। मनीष सिसोदिया के कहने पर आतिशी को सारे विभाग दिए गए और मनीष सिसोदिया के दवाब में ही आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया। मैं कह रहा हूं कि चेहरा बदल गया है लेकिन आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचारी चरित्र वही है।

दिल्ली के लोगों के लिए फैसला लिया- गोपाल राय
दिल्ली मंत्री गोपाल राय ने प्रेस वार्ता की और उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक में आतिशी के नाम पर मुहर लगी है। राय ने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहती है। जेल से बाहर आने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफे का फैसला लिया। भाजपा की सभी साजिशों को हमने नाकाम किया। अगले चुनाव तक आतिशी को जिम्मेदारी दी गई है। नई सरकार और जनता के फैसले के बाद ही केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि शाम 4.30 बजे केजरीवाल उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा देंगे। इसके बाद आज ही सरकार गठन की तैयारी शुरू हो जाएगी। आज ही सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। आज शाम साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री एलजी को इस्तीफा सौंपने जायेंगे।

विधायक दल की नेता बनीं आतिशी
दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी होंगी। मंगलवार को केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में आतिशी के नाम का प्रस्ताव केजरीवाल ने सभी विधायकों के सामने रखा। जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। रेस में उनका नाम सबसे आगे भी चल रहा था। आतिशी पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती है। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली में हुई है। और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट

सभी विधायकों ने स्वीकार किया प्रस्ताव
दिलीप पांडे ने प्रस्ताव रखा कि अरविंद केजरीवाल ही मुख्यमंत्री का नाम डिसाइड करें। सभी विधायकों ने प्रस्ताव का समर्थन किया है। सभी विधायकों ने खड़े होकर प्रस्ताव को स्वीकार किया।

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