‘जमानत आदेश पर रोक केवल असाधारण परिस्थितियों में लगाएं’, शीर्ष अदालत ने खारिज किया दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
देश की सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को कहा कि अदालतों को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही जमानत आदेश पर रोक लगानी चाहिए। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश को खारिज करते हुए यह बात कही।
देश की सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को कहा कि अदालतों को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही जमानत आदेश पर रोक लगानी चाहिए। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश को खारिज करते हुए यह बात कही।
अदालतों को जमानत आदेश पर रोक लगाने से बचना चाहिए’
आपको बता दें कि इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि अदालतों को यांत्रिक तरीके से और बिना कोई कारण बताए जमानत आदेश पर रोक लगाने से बचना चाहिए। शीर्ष अदालत ने यह फैसला धन शोधन के एक मामले में आरोपी परविंदर सिंह खुराना की याचिका पर सुनाया।