सागर :अंडे नहीं देता है ये सांप, डिब्बे में बंद किया था… 2 दिन बाद खोला तो निकले 35 से अधिक सपोले
सागर। सागर के स्नैक कैचर अकील बाबा 40 साल से सांप पकड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दो दिन पहले महाकालेश्वर काॅलोनी से जहरीली प्रजाति रसेल वाइपर सांप को लोगों की सूचना पर पकड़ा था। इस रसेल वाइपर को उन्होने अपनी पंक्चर बनाने की दुकान में ही प्लास्टिक की डिब्बे में बंद कर दिया था।
दो दिन बाद जब उन्होंने रसेल वाइपर वाले डिब्बे को देखा तो उसमें तीन दर्जन से अधिक रसेल वाइपर के सपोले देखे। अकील बाबा डिब्बे में एक साथ इतने रसेल वाइपर देखकर घबरा गए। उन्होंने बताया कि यह सांप बेहद जहरीली प्रजाति का होता है। गनीमत रही कि इसे समय से पकड़ लिया। यदि किसी रहवासी काॅलोनी में इतने रसेल वाइपर के बच्चे होते तो उस इलाके में अनहोनी हो सकती थी।
अकील बाबा ने बताया कि सांपों की ज्यादातर प्रजातियां अंडे देती हैं, लेकिन रसेल वाइपर सांप की इस प्रजाति की मादाएं अंडे नहीं, बल्कि किसी सपोलों (सांप के बच्चे) को जन्म देती है। इस सांप का एक दिन का सपोला भी यदि आपको डस ले तो मौत हो सकती है।
काल का दूसरा रूप रसेल वाइपर
रसेल वाइपर के डसने से इसका जहर आदमी के रक्त को जमाने लगता है। इससे शरीर में खून के थक्के बनने लगते हैं। आदमी को इलाज न मिलने पर घंटे भर के अंदर ही वह काल के गाल में समा सकता है। यानी यह सांप एक घंटे के अंदर मनुष्य को मौत के मुंह में ढकेल सकता है।
अकील बाबा ने बताया कि रसेल वाइपर भारत में पाए जाने वाले चंद प्रजातियोंं के ऐसे सांप हैं, जो अंडे न देकर सीधे बच्चे को जन्म देते हैं। इनके नवजात बच्चे भी जन्म से ही विषधर होते हैं। ऐसे में यदि ये आपको डस लें और समय से उपचार न मिले तो मौत तय है।