Homeराज्यो से ,slider news,
क्या है भगवान शिव की अभयमुद्रा, संसद में राहुल के भाषण-फोटो दिखाने पर बवाल

18वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर चुने गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज संभवत: अपने संसदीय जीवन का सबसे लंबा भाषण दिया। लगभग एक घंटे 42 मिनट के संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को आड़े हाथ लिया। उन्होंने हिंसा और नफरत फैलाने के आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं पर जमकर जुबानी हमले किए। राहुल के भाषण के अंशों पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपत्ति दर्ज कराई। उनके अलावा सत्ताधारी गठबंधन की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद और संसद के बाहर भी आपत्ति दर्ज कराई। राहुल ने भगवान शिव की अभयमुद्रा का भी जिक्र किया।

हिंदू धर्म, अहिंसा और कांग्रेस पार्टी पर क्या बोले राहुल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, अभयमुद्रा का हिंदू धर्म समेत अन्य धर्मों में भी बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा कि इसका संकेत भय से मुक्ति और सुरक्षा की भावना है। बकौल राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न भी इसी अभयमुद्रा की तरह है। भाजपा पर आक्रामक लहजे में हमला करते हुए राहुल ने कहा, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, 24 घंटे हिंसा-हिंसा और असत्य-असत्य कहते रहते हैं। ऐसे लोग हिंदू नहीं हो सकते। सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए राहुल ने कहा, 'आप हिंदू नहीं हो... हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सत्य के साथ खड़ा रहना चाहिए... इससे डरना नहीं चाहिए।' अहिंसा हमारा धर्म है। ये देश अहिंसा का है। सत्ता पक्ष की तरफ से टोके जाने पर राहुल ने कहा, ये इसलिए शोर मचा रहे हैं क्योंकि तीर सीधा दिल में लगा है। हमने भाजपा का मुकाबला अहिंसा के साथ किया है।


लोकसभा में राहुल गांधी ने दिखाईं तस्वीरें हिंदू धर्म और भगवान शिव की अभयमुद्रा का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भगवान शिव, गुरू नानक, ईसा मसीह, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर ने पूरी दुनिया को अभयमुद्रा का संकेत दिया। बकौल राहुल गांधी अभयमुद्रा का अर्थ है डरो मत और डराओ मत। अपने भाषण के साथ राहुल ने लोकसभा में भगवान शिव की तस्वीर भी दिखाई। इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से घोर आपत्ति दर्ज कराई गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को तस्वीरें न दिखाने को कहा। हस्तक्षेप और टोका-टोकी से भरे अपने भाषण के दौरान कांग्रेस सासंद ने यह भी कहा कि अभयमुद्रा से पूरी दुनिया को साफ संदेश दिया गया है कि डरना और डराना मना है। उन्होंने इस्लाम का जिक्र करते हुए कहा, कुरान में भी इस बात का साफ उल्लेख है कि डराना मना है, लेकिन सत्ताधारी दल के लोग डराने के साथ-साथ हिंसा भी फैलाते हैं।राहुल के भाषण के बीच में हस्तक्षेप कर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये विषय बहुत गंभीर है। पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा गया है, जो गलत है। इस पर राहुल ने कहा, 'हिंदू का मतलब केवल भाजपा, आरएसएस और पीएम मोदी नहीं है।' गृह मंत्री शाह ने भी राहुल से माफी मांगने की मांग की।
 



 
 
 

Share This News :