Homeराज्यो से ,
जून की गर्मी में थाली हुई महंगी: आलू का भाव दोगुना, टमाटर भी हुआ और लाल; खरीदारों के छूट रहे पसीने

सब्जियों की कीमत पर भीषण गर्मी का प्रकोप है। महंगाई की आग में भाव तपने लगे हैं। बीते दस दिन में टमाटर, प्याज व आलू के भाव दोगुने हो गए हैं। धनिया का स्वाद भी मिर्ची जैसा लग रहा है। हरी मिर्च तपकर लाल हो गई है। अगले महीने भी चढ़ते भाव को देखकर राहत की उम्मीद नहीं है।

  प्याज और आलू की कीमतों में 20 से 50 फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है। आलू में इतनी तेजी छह साल बाद आई है। हरी मिर्च के तेवर गर्म है। सब्जियों के साथ मुफ्त मिलने वाली मिर्च अब 100 रुपये किलो खुदरा बाजार में बिक रही है। वहीं, धनिया की कीमत 300 रुपये के पार चली गई है। गर्मी की वजह से टमाटर फुटकर में 40 से 50 रुपये किलो बिक रहा है।
10 दिन पहले 20 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाले आलू की कीमत इस वक्त 35 रुपये से भी ऊपर है। एक सप्ताह पहले 25 रुपया किलो बिकने वाला प्याज दोगुने से भी ज्यादा 30 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है। खीरा, तुरई, घीया, परवल के दाम दोगुने से ज्यादा जा पहुंचे हैं। बढ़ते दामों ने सभी लोगों को परेशान कर दिया है। सिर्फ सब्जियों के ही नहीं, फलों की कीमतों में भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। फिलहाल इस महंगाई के पीछे का कारण प्रचंड गर्मी और मानसून की सुस्ती को बताया जा रहा है। थोक से ज्यादा तेजी फुटकर बाजारों में है। फुटकर में आलू इस वक्त 40 से ऊपर बिक रहा है, जबकि आजादपुर मंडी में इसकी कीमत करीब 25 रुपये है। प्याज का भाव थोक मंडी में 33-35 रुपया प्रतिकिलो है। टमाटर भी 16-20 रुपये मिल रहा है।
कारोबारी बताते हैं कि गर्मी के दिनों में सब्जियां सूखने और खराब होने का भी डर रहता है। इससे फुटकर विक्रेताओं को मंडी से कम कीमत पर सब्जी मिल जाती है। आगे वह इसे ज्यादा दाम में बेचते हैं। अभी कीमत कम होने की उम्मीद इसलिए भी नहीं है कि आने वाला महीना बारिश का है। आवक पर असर पड़ने से इस दौरान थोक में भी कीमतें बढ़ जाएंगी।

 

 

 
 
 
 

Share This News :