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क्या आपने भी ने 1 अप्रैल से 9 नवम्बर,2016 के बीच अकाउंट में जमा किये हैं पैसे तो ये खबर आपके लिए है

नोटबंदी के बाद से लगातार आ रहे नियमों एवं आदेशों की फेहरिश्त में एक ऐसा नया नियम आ गया है जो आपके बैंक खातों की पुरानी जानकारी निकाल कर सरकार को दे सकता है  | आइये जानते हैं इस बारे में और 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने बैंकों और डाकघरों से 1 अप्रैल, 2016 से 9 नवंबर, 2016 के बीच सेविंग अकाउंट में कैश डिपॉजिट की रिपोर्ट मांगी है। फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के आदेश के बाद IT डिपार्टमेंट ने बैंकों से डिटेल मांगी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेस (सीबीडीटी) ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।...

नोटिफिकेशन के मुताबिक, इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने बैंकों और डाकघरों में सेविंग अकाउंट्स होल्डर्स को 28 फरवरी तक पैन नंबर या फॉर्म 60 जमा कराने के लिए कहा है।
यह आदेश उन अकाउंट होल्डर्स के लिए है, जिन्होंने अपने अकाउंट के लिए पैन नंबर नहीं दिया है। 

- बैंकों से मिले डाटा का इस्तेमाल कम्परेटिव स्टडी के लिए किया जाएगा। इससे इन अकाउंट की डिपॉजिट हिस्ट्री की जानकारी मिल सकेगी। ...

बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट पर लागू नहीं होगा नियम

- नोटिफिकेशन के अनुसार, ये डिटेल जमा कराना उन लोगों के लिए जरूरी नहीं है, जिनका बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट है।...
- सरकार का मानना है कि बैंकों में पैन नंबर अनिवार्य किए जाने से ब्‍लैकमनी पर लगाम लग सकेगी।  ...
हालांकि, कई बैंक खाते ऐसे भी हैं, जो बहुत पुराने हैं और तब पैन नंबर देना जरूरी नहीं था। कुछ सैलरी अकाउंट्स भी हैं, जिनमें पैन नंबर देने की शर्त नहीं थी।

पैन या फॉर्म 60 जमा कराएं          

इनकम टैक्स एक्‍ट के नियम 114B के मुताबिक बैंकों अफसरों को कहा गया है कि वे अकाउंट होल्‍डर्स से पैन नंबर या फॉर्म 60 जमा कराएं।  

  • नियम 114बी उन सभी ट्रांजैक्‍शन के लिए है, जिनमें पैन देना अनिवार्य है। 
  • - बता दें कि फॉर्म 60 एक घोषणा पत्र होता है, जिसे पैन नंबर ना होने .की स्थिति में भरा जाता है।...

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