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स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में भी मची खलबली, विदाई का सिलसिला जारी

सुप्रीम कोर्ट के बीसीसीआई प्रेसीडेंट अनुराग ठाकुर और सेक्रेटरी अजय शिर्के को अपने-अपने पद से बर्खास्त करने का असर अब राज्य क्रिकेट संघों पर दिखने लगा है। एक बाद एक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी अपने-अपने पद छोड़ने लगे हैं। तीन राज्य ओडिशा, सौराष्ट्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ पदाधिकारी बुधवार को ही अपने-अपने पदों से हट गए। इससे पहले केरल और आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ के पदाधिकारी भी इस्तीफा दे दिया था।

दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सीईओ राहुल जोहरी ने 2 जनवरी को सभी स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की प्रति ई-मेल पर भेजी है। इसके बाद ज्यादातर स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन अपनी-अपनी मीटिंग बुलाकर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार अपने-अपने पदों से हट रहे हैं।

40 साल बाद शाह की विदाई

चार दशक से ज्यादा समय तक सौराष्ट्र क्रिकेट को चलाते रहे अनुभवी प्रशासक निरंजन शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह खुद खुद राज्य क्रिकेट संघ से बाहर हो गए हैं। इसके लिए सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के सचिव पद से त्यागपत्र देने की जरूरत ही कहां रह गई है। 72 साल के शाह ने कहा- लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के बाद मैं 70 साल से ऊपर के दायरे में आता हूं। शाह बीसीसीआई में भी सचिव और उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं।

ओडिशा के बिस्वाल, बेहेरा ने छोड़े पद

ओडिशा क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रंजीब बिस्वाल और सचिव आर्सीबाद बेहेरा के साथ-साथ 173 अधिकारियों ने बुधवार को अपने-अपने पद छोड़ दिए। सुप्रीम कोर्ट नियुक्त लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के तहत इन सभी पदाधिकारियों ने पदों से इस्तीफा दिया है। बेहेरा की उम्र जहां 70 साल है वहीं बिस्वाल तीन साल के कूलिंग पीरिएड में आते हैं। इसलिए दोनों ने अपने-अपने पद छोड़ दिए हैं। इस बीच ओडिशा फुटबॉल संघ के अध्यक्ष विधायक देबाशीष समांत्रे की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जो कि इंग्लैंड के खिलाफ बाराबती स्टेडियम में होने वाले दूसरे वनडे की गतिविधियों पर नजर रखेगी।

इधर मध्य प्रदेश में सिंधिया, जगदाले हटे

मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमीपीसीए) के प्रबंधकीय ढांचे में भी बड़ा फेर-बदल हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया और अध्यक्ष संजय जगदाले पदमुक्त हो गए हैं। इनके अलावा एमपीसीए के दो उपाध्यक्ष, एमके भार्गव और अशोक जगदाले भी पदमुक्त हो गए हैं। सिंधिया और जगदाले को एमपीसीए की प्रबंध समिति के अलग-अलग पदों पर रहते 9 साल से ज्यादा समय हो गया है। लिहाजा वे पद से हट गए हैं। वहीं 3 उपाध्यक्षों में शामिल एमके भार्गव और अशोक जगदाले की उम्र 70 साल से ज्यादा हैं।

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