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BJP के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की बैठक, 25 सितंबर तक तय होगा गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ à¤à¤œà¥‡à¤‚डा
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤²à¥¤ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶, महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° और à¤à¤¾à¤°à¤–ंड के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का ‘गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ à¤à¤œà¥‡à¤‚डा’ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने लिठबैठक की। पारà¥à¤Ÿà¥€ के गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ à¤à¤œà¥‡à¤‚डे पर मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ निवास पर विचार विमरà¥à¤¶ किया। गौरतलब है कि इन दिनों उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में अगले साल और मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 2018 में होने वाले चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को लेकर सà¤à¥€ पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अपने-अपने सà¥à¤¤à¤° पर जनता का साधने में जà¥à¤Ÿà¥€ है।
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने सौंपा जिमà¥à¤®à¤¾
बैठक के बाद फड़नवीस और दास की मौजूदगी में चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ à¤à¤œà¥‡à¤‚डा बनाने का जिमà¥à¤®à¤¾ पारà¥à¤Ÿà¥€ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अमित शाह और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी ने हमारी कमेटी का सौंपा था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, ‘गरीबी हटाओ और गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ की बात बरसों पहले से होती आ रही है। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ यह नारा देती रही है, लेकिन यह नारा, नारा ही रह गया। गरीबी हटी नहीं और गरीबों का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ नहीं हà¥à¤†à¥¤’ ‘à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ और आधारà¤à¥‚त दरà¥à¤¶à¤¨ देने वाले पंडित दीनदयाल का यह जनà¥à¤®à¤¶à¤¤à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¥€ वरà¥à¤· है। दीनदयालजी ने कहा था कि दरिदà¥à¤° की सेवा ही à¤à¤—वान की पूजा है। उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेकर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ à¤à¤œà¥‡à¤‚डा बनाने का फैसला लिया। कà¥à¤› राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में गरीबों के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ की अलग-अलग योजनाà¤à¤‚ चल रही है। यह योजनाà¤à¤‚ और अधिक वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• हों और गरीबों का सही अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ हो।’ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल की जयंती है और कालीकट में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ परिषद का समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ है। उससे पहले हमें यह à¤à¤œà¥‡à¤‚डा बनाकर पारà¥à¤Ÿà¥€ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ को सौंपना है।
रोटी, कपड़ा मकान के साथ दवाई-कमाई à¤à¥€
चौहान ने कहा कि इस बैठक में इस à¤à¤œà¥‡à¤¡à¥‡à¤‚ पर विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ रूप से चरà¥à¤šà¤¾ हà¥à¤ˆà¥¤ मूल रूप से रोटी, कपड़ा और मकान के साथ पà¥à¤¾à¤ˆ, दवाई और कमाई इसके केंदà¥à¤° बिनà¥à¤¦à¥ हैं। इस à¤à¤œà¥‡à¤‚डे में यह तय किया जाà¤à¤—ा कि कोई à¤à¥‚खा न रहे, सबके आवास की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हो, सबको शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤²à¤ हो। हम à¤à¤¸à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ करें कि गरीब, गरीब न रहे वह सà¥à¤µà¤¾à¤µà¤²à¤‚बी हो, उसकी आमदनी बà¥à¥‡ और वह किसी पर आशà¥à¤°à¤¿à¤¤ व अवलंबित न रहे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के सà¤à¥€ पहलà¥à¤“ं पर वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• विचार विमरà¥à¤¶ के बाद हम जलà¥à¤¦ ही अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿà¥€ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और फिर अंत में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤°