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BCCI से शमी को क्लीन चिट, खेल सकेंगे आईपीएल

नई दिल्‍ली। à¤­à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° निरोधक इकाई (एसीयू) द्वारा भारतीय तेज गेंदबाज मुहम्मद शमी को क्लीन चिट दिए जाने के बाद बीसीसीआई ने उन्हें अपनी सालाना करार की श्रेणी "बी" में शामिल कर लिया है। शमी पर उनकी पत्नी हसीन जहां ने घरेलू हिंसा, कई स्त्रियों से संबंध बनाने के अलावा भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लगाए थे और कोलकाता पुलिस में केस भी दायर किया था।

इसके बाद बोर्ड ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के निर्देशों के बाद एसीयू का गठन करके मामले की जांच के आदेश दिए थे। सीओए ने एसीयू प्रमुख नीरज कुमार को शमी द्वारा अलिश्बा नाम की एक पाकिस्तानी महिला से पैसे लेने के आरोप की जांच के आदेश दिए थे। सीओए ने कहा कि भारतीय उच्चतम न्यायालय ने प्रशासक की समिति(सीओए) ने शमी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त और बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के प्रमुख नीरज कुमार से शमी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए अनुरोध किया था। शमी अभी तक बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधी संहिता के प्रावधानों के अंदर हैं।

नीरज ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीओए को सौंपी दी है। रिपोर्ट के आधार पर सीओए का मानना है कि इस मामले में बीसीसीआई के भ्रष्टाचार निरोधी संहिता के तहत कोई और कार्यवाही नहीं होगी। इस वजह से बीसीसीआई शमी को "बी" श्रेणी का वार्षिक रिटेनरशिप करार प्रदान करने के साथ आगे बढ़ेगा। मालूम हो कि बीसीसीआई की सालाना करार के मुताबिक "बी" श्रेणी के खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपये मिलते हैं जिसका फायदा अब शमी उठा सकेंगे। इससे पहले बीसीसीआई ने शमी को पिछले महीने जारी अपने सालाना करार से बाहर कर दिया था।

आइपीएल में खेलने का रास्ता साफ : एसीयू द्वारा क्लीन चिट पाए जाने के बाद अब शमी का आइपीएल के अगले सत्र में खेलने का रास्ता भी साफ हो गया है। शमी को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में शामिल किया गया था जोकि अब सात अप्रैल से शुरू हो रही लीग में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। उधर खबर है कि गुरुवार को शमी ने गाजियाबाद के इंद्रापुरम इलाके के एक मैदान में अभ्यास किया।

बीसीसीआई ने किया शमी का स्वागत : à¤¶à¤®à¥€ को एसीयू से क्लीन चिट मिलने के बाद बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने कहा कि शमी और भारतीय क्रिकेट के लिए यह बहुत अच्छी खबर है। वह भारत के लिए एक प्रतिबद्ध खिलाड़ी रहे हैं। बीसीसीआई खुश है कि उन्हें एसीयू की जांच में क्लीन चिट मिली है। उन्हें आइपीएल में खेलने के लिए मैदान पर उतरना चाहिए। आइपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर शमी को एसीयू से क्लीन चिट मिलती है तो वह आइपीएल में खेल सकेंगे।

डेयरडेविल्स ने भी जाहिर की खुशी : à¤¶à¤®à¥€ की आइपीएल टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने भी इस फैसले पर खुशी जाहिर की है और कहा कि मुझे अभी बीसीसीआई से पुष्टि मिली है कि शमी को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह टीम के लिए एक स्वागत योग्य खबर है और हम उन्हें वापस पाकर खुश हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वे पहले ही दिन से अभ्यास शिविर में शामिल होंगे।

शमी ने हसीन के आरोप को नकारा 

पत्नी हसीन जहां द्वारा चेक से भुगतान रुकवाने के आरोपों के बाद मुहम्मद शमी ने बैंक स्टेटमेंट जारी किया है। इसमें चेक से किए गए भुगतान का पूरा ब्योरा दर्ज है। शमी द्वारा जारी स्टेटमेंट के मुताबिक गत 20 मार्च को हसीन के खाते में शमी के चेक (संख्या 303718) के जरिए एक लाख रुपये का भुगतान हुआ है जबकि इसी दिन जहां ने मीडिया के सामने दावा किया था कि शमी ने चेक से भुगतान पर रोक लगा दी है। हसीन ने कहा था कि शमी ने उन्हें कभी भी पत्नी का दर्जा नहीं दिया और खर्च के लिए रुपये भी नहीं देते। उनके खाते से पिछला लेन-लेन 20 मार्च को हसीन जहां के ही खाते में हुआ है।

शमी ने रुकवाया चेक : à¤‰à¤§à¤° "दैनिक जागरण" से बातचीत में हसीन जहां ने अपने उन आरोपों को दोहराया है, जिसमें उन्होंने शमी पर चेक भुगतान रुकवाने का दावा किया है। शमी द्वारा जारी बैंक स्टेटमेंट के बारे में हसीन जहां ने बताया, "घर खर्च के लिए शमी ने कई चेक दिए थे। इनमें से चेक संख्या 303718 और 303720 को मैंने अकाउंट में डाला था। 303718 नंबर वाला चेक तो क्लियर हो गया लेकिन शमी ने 303720 का भुगतान रुकवा दिया। हसीन ने कहा, "घर में बहुत तरह के खर्च हैं। बेटी की पढ़ाई भी है। शमी के कारण मेरे छह साल बर्बाद हुए। अब मेरा खर्च रोकने का क्या औचित्य है?"

हसीन को चाहिए सिर्फ पैसे

शमी के चाचा यानी हसीन जहां के चचेरे ससुर खुर्शीद अहमद ने दावा किया कि हसीन अपने नाम संपत्ति कराने के लिए ही झूठे आरोप लगा रही है। वह शमी के रुपये से महीने में लाखों की शॉपिंग कर रही है। उसे सिर्फ रुपये चाहिए। हम लोगों ने मामला सुलझाने की कोशिश की लेकिन वह चाहती है कि उसके नाम पर अभी संपत्ति खरीदकर दी जाए।

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