मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥€ चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• का विमोचन
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने वरिषà¥à¤ साहितà¥à¤¯à¤•ार à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤‚गà¥à¤¯à¤•ार शà¥à¤°à¥€ उमाशंकर चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ की हाल ही में पà¥à¤°à¤•ाशित ललित रचनाओं की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• “तà¤à¥€ तो लगता पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ चाà¤à¤¦’’ का विमोचन किया।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने शà¥à¤°à¥€ चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ को बधाई दी। इसके पूरà¥à¤µ शà¥à¤°à¥€ चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ की शिकà¥à¤·à¤¾, वà¥à¤¯à¤‚गà¥à¤¯ और ललित रचनाओं की गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं।