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INDvsSA: तीन टेस्‍ट मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला आज से

स्कोरलाइन यह बताने के लिए काफी है कि दक्षिण अफ्रीका में पिछली छह सीरीज में भारत का किस तरह शिकार किया गया था। इस बार भी उसने कुछ ऐसा ही करने के लिए जाल बिछा दिया है।

टेबल माउंटेन की तरफ से 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आती हवाओं और गुरुवार की शाम को न्यूलैंड्स स्टेडियम के ऊपर छाए काले बादलों ने उसके काम को और आसान कर दिया है।

मैच के बीच में हल्की बारिश की संभावना है जो निश्चित ही बल्लेबाजों और खासतौर पर भारतीय बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बनेगी। दो साल पहले भारतीय सरजमीं की उधड़ी पिचों पर 0-3 से हारकर गई दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत का पैंतरा ही उसके सामने चला है।

अब भारतीय टीम यह भी नहीं कह सकती कि उसका प्रदर्शन पिच के कारण खराब रहा, क्योंकि विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने जो 21 टेस्ट मैच जीते हैं उनमें से 14 उसने मनमाफिक घरेलू पिचों पर जीते हैं।

शुक्रवार से न्यूलैंड्स स्टेडियम में शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले से ही इस सीरीज का निर्धारण होगा। अगर नंबर वन भारतीय टीम को पहली बार दक्षिण अफ्रीका में कोई सीरीज जीतनी है तो उसे परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाकर शिकार की जगह शिकारी की तरह काम करना होगा। हालांकि, उसे इसके लिए अथक प्रयास करने होंगे।

विराट का सबसे बड़ा टेस्ट : 2015 के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में महेंद्र सिंह धौनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद टेस्ट कप्तान बने विराट का हनीमून पीरियड कुछ लंबा चला। उन्होंने इस दौरे में ही दो टेस्ट में कप्तानी की और दोनों में विजय नहीं मिली। इसके बाद की 10 टेस्ट सीरीज उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप या वेस्टइंडीज में उसकी बेहद कमजोर टीम के खिलाफ खेली, जिसमें नौ में उसे जीत मिली। दो साल के लंबे अंतराल के बाद उनकी कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ उसी की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज खेलने के लिए आई है। भारत ने यहां दो टेस्ट मैच जीते हैं। एक 2006-07 में राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में, तो दूसरा 2010-11 में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में। भारत को अगले डेढ़ साल में करीब 12 टेस्ट विदेशी सरजमीं पर खेलने हैं। दक्षिण अफ्रीका के बाद उसे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के कठिन दौरों पर भी जाना है। यह उनके कप्तानी करियर का सबसे बड़ा टेस्ट है, क्योंकि अगर वह यहां जीत गए तो उनके किंग होने पर मुहर लग जाएगी, लेकिन यहां की हार उन्हें घर के शेर तक ही सीमित कर देगी।

रहाणे या रोहित : à¤­à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टीम ने इस लंबे दौरे की शुरुआत के पहले कोई अभ्यास मैच नहीं खेला। उनका कहना था कि अभ्यास मैच में अच्छी पिच नहीं मिलती हैं तो उसका कोई मतलब नहीं। हालांकि, कुछ ऐसा ही सुलूक बीसीसीआइ विदेशी टीमों के साथ अपने घर में करता है, लेकिन वे टीमें फिर भी अभ्यास मैच खेलती हैं।

हालांकि, इसके बाद टीम ने कई दिनों तक अपने मनमुताबिक कड़ा अभ्यास किया, लेकिन मैच के एक दिन पहले उनका कोई भी सदस्य अभ्यास करने के लिए नहीं आया। कारण वैकल्पिक अभ्यास को बताया गया। इससे यह लगता है कि भारतीय प्रबंधन इस बात को लेकर आशान्वित है कि उन्होंने मैच को जीतने भर का अभ्यास कर लिया है और उसके खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों से पूरी तरह घुल-मिल गए हैं।

ओपनर शिखर धवन फिट हैं, लेकिन रवींद्र जडेजा अभी भी नहीं ठीक हो पाए हैं। यही कारण है कि ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मौका मिलना तय है। अब टीम को चुनना है कि वह मुरली-धवन के बायें-दायें ओपनिंग संयोजन के साथ जाती है या मुरली के साथ ज्यादा सॉलिड दिख रहे केएल राहुल को खिलाती है। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा और कप्तान कोहली उतरेंगे।

टीम के सूत्रों का कहना है कि अंतिम एकादश में टेस्ट के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे और वनडे के उप कप्तान रोहित शर्मा को लेकर भी काफी बात हुई है। जहां रहाणे का विदेशी पिचों पर अच्छा रिकॉर्ड रहा है तो रोहित ने सभी प्रारूपों में तीन शतक लगाकर अपना दावा मजबूत किया है।

रोहित श्रीलंका के खिलाफ घसियाली पिच पर खेले गए कोलकाता टेस्ट में टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने सभी प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, रहाणे तकनीकि तौर पर रोहित से ज्यादा दक्ष है। हालांकि, रहाणे पर रोहित का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

अगर रहाणे की जगह रोहित को मौका मिलता है तो हार्दिक पांड्या भी खेलते हुए दिखेंगे। विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा का खेलना तो तय है ही। पांच तेज गेंदबाजों में उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह को छोड़कर इशांत शर्मा, मुहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को अंतिम एकादश में मौका दिया जा सकता है, क्योंकि इशांत के पास अनुभव है तो शमी व भुवी के पास स्विंग के साथ तेज गेंदबाजी करने का माद्दा।

पहला दिन महत्वपूर्ण : à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर इस मैच का पहला दिन महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि अगर पिच में उछाल और तेजी होती है तो उसके सामने खेलना मुश्किल होगा। जो भी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी उसे दूसरे पक्ष के तेज गेंदबाजों का सामना करना होगा।

भारतीय ओपनरों को वर्नोन फिलेंडर, मोर्नी मोर्केल और कैगिसो रबादा को बर्दाश्त करना होगा। इन्हें जितना बर्दाश्त करेंगे भारत के लिए उतना बेहतर रहेगा। विराट ने पिछले दौरे पर यहां दो टेस्ट मैचों में 68 के औसत से 272 रन बनाए थे जिसमें एक शानदार शतक था। उनके साथ चेतेश्वर पुजारा पर पूरा बल्लेबाजी क्रम निर्भर करेगा।

दक्षिण अफ्रीका को चयन में परेशानी : à¤¦à¤•्षिण अफ्रीकी प्रबंधन भी अंतिम एकादश के लिए परेशान है। डेल स्टेन फिट हैं और उन्होंने गुरुवार को जिस तरह अभ्यास किया है उससे लग रहा है कि दक्षिण अफ्रीकी टीम रबादा, फिलेंडर, मोर्केल और स्टेन के साथ भारतीय बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ने उतरेगी।

स्टेन दक्षिण अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बनने से पांच विकेट दूर हैं तो मोर्केल ने जिंबाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था। मेजबान टीम पिछले कुछ समय से तीन तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के संयोजन के साथ उतर रही है, जिसमें बायें हाथ के स्पिनर केशव महाराज तेज गेंदबाजों का साथ दे रहे हैं, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की बाउंस खेलने की कमजोरी को देखते हुए प्रबंधन चार तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ भी उतर सकता है।

विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक पैर की मांसपेशियों के खिंचाव से उबर चुके हैं। एबी डिविलियर्स जिंबाब्वे के खिलाफ कार्यवाहक कप्तान थे, लेकिन अब नियमित कप्तान फाफ डु प्लेसिस पूर्ण फिटनेस हासिल कर चुके हैं।

डिविलियर्स को मौका देने के लिए टेंबा बावुमा को बाहर किया जा सकता है। ओपनिंग डीन एल्गर और एडेन मार्करैम करेंगे, जबकि इसके बाद उतरने वाले हाशिम अमला की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय है। ऑलराउंडर क्रिस मौरिस और एंडिले फेहलुकवाओ के नामों पर भी चर्चा हो सकती है।

टीमें :

भारत : à¤µà¤¿à¤°à¤¾à¤Ÿ कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, उमेश यादव, मुहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और पार्थिव पटेल में से।

दक्षिण अफ्रीका : à¤«à¤¾à¤« डु प्लेसिस (कप्तान), डीन एल्गर, एडेन मार्करैम, हाशिम अमला, टेंबा बावुमा, क्विंटन डि कॉक, केशव महाराज, मोर्नी मोर्केल, डेल स्टेन, क्रिस मौरिस, वर्नोन फिलेंडर, कैगिसो रबादा, एंडिले फेहलुकवाओ और थियुनिस डि ब्रुएन में से।

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